पलाश और कुसुम की कहानी : एपिसोड – ११ (11)

पलाश और कुसुम

ठीक रात के बाराह बजे पलाश आया। कुसुम के खिड़की के पास जाकर खटखटाकर खड़ा रहता है, फिर से खटखटाया, बारबार खटखटाता है, लेकिन कुसुम खोल नहीं रही है। कुसुम अँधेरे में खिड़की के तरफ देखती हुई बिस्तर पर लेटी हुई है। पलाश ने कहा था के वो आएगा, इसीलिए नींद नहीं आ रही थी। … Read more

पलाश और कुसुम की कहानी : एपिसोड – १० (10)

पलाश और कुसुम

शीला अपने बड़े भाई अशोक के साथ बहुत ही फ्री है। शाम को कुसुम ने जो बातें कहीं, उसने अपने भाई को कहा। अशोक तब ही पलाश को फ़ोन करता है। “घर कब आ रहा है?” “कल।” “कुसुम तेरे बारे में शीला से पूछ रही थी।” पलाश को यकीन नहीं आया, “क्या पूछ रही थी?” … Read more

पलाश और कुसुम की कहानी : एपिसोड – ९ (9)

पलाश और कुसुम

कुसुम के कॉलेज में छुट्टी होती है। उसे लगा था पलाश हिजल के पेड़ के नीचे होगा, लेकिन नहीं। कुसुम उदास हो जाती है, उसका दिल अनजाने में ही पलाश को ढूंढ़ता है। रात को कुसुम खुदको समझाती है के वो लड़की सायद पलाश की बहन होगी, गर्लफ्रेंड को लेकर थोड़ी ही गाओ में घूमता … Read more

पलाश और कुसुम की कहानी : एपिसोड – ८ (8)

पलाश और कुसुम

पांच मिनट तक सोचता रहा। सिगेरट फेंक कर कुसुम के खिड़की पर खटखटाता है कई बार, धीरे से बुलाती है, “कुसुम, ए कुसुम” कुसुम जागी हुई थी, खटखटाना सुनकर उठकर बैठ गयी। पहली बार सुनते ही उसे लगा पलाश आया है। वो कुछ देर वैसे ही बैठी रही। तभी पलाश की आवाज़ सुनी, लाइट नहीं … Read more